
*अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर नारीशक्ति सम्मान समारोह बलाही समाज संघ द्वारा किया आयोजित*
*बलाही समाज द्वारा महिलाओं का सम्मान भव्य थाल में पुष्प बिछाकर चरण धुलाकर कुंकुम अक्षत से पूजन किया*
महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए हम सभी सतत प्रयास करते रहें, , ,विधायक कंचन तंवे,,
खंडवा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मध्य प्रदेश बलाही समाज संघ जिला ईकाई खंडवा द्वारा संगोष्ठी एवं नारीशक्ति सम्मान समारोह उमिया भवन धर्मशाला खंडवा में आयोजित किया गया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि महिला दिवस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि खंडवा विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तनवे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी सुदेश वानखेड़े, महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव, पार्षद श्रीमती किरण प्रेमलाल गोयल, मुख्य वक्ता दीदी शोभा तोमर, वक्ता होस्टल अधिक्षिका श्रीमती मनीषा पाटिल, पूर्व जिला अध्यक्ष श्रीमती ममता भगवान मोहे, सुश्री विजयालक्ष्मी अंकले, सरपंच- सुरगांव बंजारी बसकर गणेश अंजने,रोनशाई से श्रीमती जमना मोहन ढाकसे, संगीता भगोरे,जयश्री भालसे, अंजलि राकेश मोहे,अरुणा पारे, रजनी चक्रवेदी, ममता संतोष कपिल, रानी कनाडे,किरण पांचोले, महादेव गढ़ संरक्षण अशोक पालीवाल मंचासिन थे। समाज जिला अध्यक्ष बसंत ढाकसे, उपाध्यक्ष शंकर कनाडे, नगर अध्यक्ष दिपक कनाडे एवं जिला प्रवक्ता नारायण फरकले का विशेष सहयोग रहा। जिला प्रवक्ता नारायण फरकले ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर समाज द्वारा एक अद्भुत एवं अनुठा कार्यक्रम था।
*मुख्य वक्ता दीदी शोभा तोमर* ने कहा कि नारी को शक्ति का रुप माना गया है।हर समाज की असली ताकत उसकी महिलाएं होती हैं वे परिवार को संभालती है और समाज को दिशा देती है। और देश के विकास में बराबरी की भागीदार बनती है। फिर भी इतिहास के लंबे दौर में महिलाओं को अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करना पड़ा है। *विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तनवे* ने नारी शक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि महिला दिवस संघर्ष साहस, और उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए हर साल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है।यह दिन केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है बल्कि यह हमें उन लाखों महिलाओं के संघर्ष की याद भी दिलाता है।आज महिलाएं विज्ञान, शिक्षा, खेल, उद्योग, राजनीति, और अंतरिक्ष तक हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुकी है। नारी शक्ति हमारे समाज की आधारशिला है महिलाओं के सम्मान सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए हम सभी को मिलकर सतत प्रयास करते रहना होगा *होस्टल अधिक्षिका श्रीमती मनीषा पाटिल* ने कहा कि स्त्री परिवार की आत्मा होती है उन्होंने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि मातृशक्ति सावित्रीबाई फुले ने सर्वप्रथम शिक्षा की ज्योत जलाकर हम सभी को प्रेरणा दी । रमाबाई ने डा. बाबा साहेब अम्बेडकर के साथ कंधा से कंधा मिलाकर काम किया। साथ ही सभी मातृशक्ति को भारतीय संस्कृति सभ्यता परंपरा और वेशभूषा का विशेष ध्यान रखना होगा। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि महिला सम्मान के लिए कार्यक्रम में संगोष्ठी पश्चात जिला अध्यक्ष बसंत ढाकसे, नारायण फरकले,दिपक कनाडे, राकेश मोहे, द्वारा समस्त मातृशक्ति को फूलों से सजें भव्य थाल में चरण धुलाकर कुंकुम अक्षत से पूजन किया और आशीर्वाद लिया। संगीतमय पूजन के छण सभी माता बहने भावुक हो गईं। एवं सभी अतिथियों द्वारा संगीतमय भक्तिमय गीतो पर झूमने नाचने लगे। समापन पर सभी को संगठन द्वारा सम्मानित कर सम्मान पत्र भेंट किया गया।इस अवसर पर आयोजन की सभी ने प्रशंसा की आयोजन में महिलाओं का सम्मान चर्चा का विषय बना रहा जो पल दिल पर अपनी छाप छोड़ जाते और उम्र भर याद रहते हैं,ये वो पल थे जो बेहद खुशी देने वाले ओर उनका प्रभाव बहुत गहरा था।जीवन के ये वह ऐसे क्षण है जिन्हें भू

लाया न जा सके। जब कोई पहली बार माता पिता बनता है जो खुशी होती होगी,ये पल उस समान थे। कार्यक्रम में विशेष रूप से शालिनी चंदेल,आशा सोनी, स्नेहा पाराशर, सोनाली ढाकसे, नमिता मांडले, राजेन्द्र माणिक, सुदेश वानखेड़े,गणेश कानडे, दिलीप कनाडे, राकेश मोहे, मुकेश चाकरे, धर्मेन्द्र अटूट,योगेश भमोरे,गणेश अंजने, नानुराम माडले, रुक्मिणी माणिक, अमरोती चाकरे, गोविंद पाचोरे नरेश गोयल, सहित जावर,सिहाड़ा,डिगरीश, रोशनाई,मोखलगांव,टिटगांव सिलोदा,नागचुन, नहाल्दा सहित अन्य गांवों से महिला मंडल मातृशक्ति उपस्थित थीं। कार्यक्रम का संचालन रजनी चक्रवेदी ने किया एवं आभार जयश्री भालसे ने माना।










